तितली’ ने किया इंसानी कुरूप चेहरे को बेनकाब  अर्जुनसिंह रंगोत्सव में आज समापन संध्या पर होगा लहरों के राजहंस का मंचन 

तितली' ने किया इंसानी कुरूप चेहरे को बेनकाब 
अर्जुनसिंह रंगोत्सव में आज समापन संध्या पर होगा लहरों के राजहंस का मंचन
उज्जैन। सांस्कृतिक संस्था अभिनव रंगमंडल उज्जैन-इंदौर द्वारा मध्यप्रदेश नाट्य समारोह अर्जुन सिंह रंगोत्सव में शनिवार को इंसानी कुरूप चेहरे को बेनकाब करते संवेदनशील नाटक 'तितली' की प्रस्तुति हुई। लेखक पंकज सोनी की कहानी 'घर से भागी हुई लड़की' के नाट्य रूपांतरण 1 घंटे 20 मिनिट के नाटक तितली ने पूरे समय दर्शकों को बांधे रखा। नाटक के माध्यम से युवा रंगकर्मियों ने सामाजिक सोच को बदलने की भरपूर कोशिश की।
अभिनव रंगमंडल प्रमुख शरद शर्मा के अनुसार संस्था द्वारा अर्जुन सिंह के सांस्कृतिक योगदान को दृष्टिगत रखते हुए उनकी स्मृति में आयोजित नाट्य समारोह में नाट्य गंगा छिंदवाड़ा की प्रस्तुति तितली का निर्देशन सचिन वर्मा ने किया तथा इसके लेखक पंकज सोनी हैं। नाटक में मंच पर रोहित रूसिया, निकेतन मिश्रा, नीता वर्मा, सचिन वर्मा, स्वाति चैरसिया, पंकज सोनी ने अपनी अदाकारी से समा बांधा। शरद शर्मा के अनुसार उज्जैन से पूर्व इंदौर, सागर, डेहरी, बिहार, कोलकाता, अहमदाबाद, भिलाई, छत्तीसगढ़, नागपुर, इलाहाबाद, बैतूल, होशंगाबाद, बालाघाट, सिवनी, जबलपुर, भोपाल, जगदलपुर, छिंदवाड़ा आदि शहरों में 51 प्रदर्शन हो चुके हैं। यह नाटक पीजी काॅलेज छिंदवाड़ा के एमए हिंदी के सिलेबस में शामिल है। शनिवार को नाट्य मंचन का शुभारंभ सुधा शर्मा, श्रीमति सिंह, स्मृति शर्मा ने दीप प्रज्जवलन कर किया। समारोह की समापन संध्या पर आज 24 नवंबर को वरिष्ठ रंगकर्मी शरद शर्मा के निर्देशन में 7 लेखक मोहन राकेश की अमर रचना लहरों के राजहंस का मंचन अभिनव रंगमंडल उज्जैन इंदौर द्वारा किया जाएगा।