अटके भटके लटके सुर’ ने गुदगुदाया, जोर से हंसाया🌹🌹🙏🌹🌹

अटके भटके लटके सुर’ ने गुदगुदाया, जोर से हंसाया
उज्जैन। जीनोबिया मैंशन और नूर महल बेशक दो इमारतें हैं, जो एक दूसरे से काफी दूर स्थित हैं, लेकिन दोनों सपनों के शहर मुंबई के पुराने निवासी हैं, जो इनमें रहने वालों को एक विभिन्न व्यक्तित्व और जीवन शैली प्रदान करते हैं। अशांति, बाधाओं और मुसीबतों के बीच हास्य अभिनय से सजे ‘अटके भटके लटके सुर’ ने दर्शकों को गुदगुदाया भी और जोर से हंसाया भी। 34वें राष्ट्रीय नाट्य समारोह में कालिदास अकादमी के संकुल हॉल में हुई इस प्रस्तुति ने दो घंटे तक दर्शकों को बांधे रखा। 
अभिनव रंगमंडल प्रमुख शरद शर्मा और प्रबंधक वीरेंद्रसिंह ठाकुर के अनुसार सांस्कृतिक संस्था अभिनव रंगमंडल द्वारा आयोजित नाट्य महोत्सव में सोमवार को मशहूर फिल्म और धारावाहिक पटकथा लेखक अशोक मिश्रा द्वारा रचित व निर्देशित नाटक “अटके भटके लटके सुर“ की प्रस्तुति अंक मुम्बई द्वारा दी गई। नाटक में एक ओर शास्त्रीय गायिका सुसुप्ता गुप्ता एक प्रतिष्ठित कांसर्ट की तैयारी के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन जीनोबिया मैंशन का अशांत वातावरण व आसपड़ोस की गतिविधियां उसके सही प्रदर्शन के रास्ते में बाधा बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ फखरूद्दीन संघर्ष कर रहा है कि किसी भी तरह उसके स्वामी और नूर महल के मालिक, बड़े अब्बा अपने सौ साल पूरे कर लें, लेकिन एक के बाद एक मुसीबतें उसे घेरे हुए हैं, एक रहस्य है जो वो किसी को बता नहीं सकता, लेकिन उसके मन की शांति और सत्यनिष्ठा के लिए बड़े अब्बा को सौ साल पूरे करने ही होंगे, ऐसे ही झंझावात के बीच उपजता हास्य दर्शकों को पूरे नाटक में गुदगुदाता रहता है। जिसमें प्रीता माथुर ठाकुर और अमन गुप्ता के दो एकल हास्य अभिनय ने दर्शकों के बीच अपनी छाप छोड़ी। संस्कृति विभाग भारत सरकार, संस्कृति संचालनालय मध्यप्रदेश शासन एवं जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित समारोह की तीसरी संध्या का शुभारंभ प्रधान न्यायाधीश जीएन अग्रवाल, कवि अशोक भाटी, हरिश सिंह, डॉ. गोपाल शर्मा द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। 
आज होगा ‘बाबा पाखंडी’ का मंचन
21 जनवरी को विख्यात कहानीकार विजय दान देथा की कहानी पर आधारित नाटक “बाबा पाखंडी“ का मंचन किया जाएगा। इस नाटक का लेखन व निर्देशन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के स्नातक व खैरागढ़ विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ में नाट्य विभाग के प्रोफेसर डॉ. योगेन्द्र चौबे ने किया है, 80 मिनट की इस प्रस्तुति को गुड़ी संस्था रायगढ़ के कलाकार प्रस्तुत करेंगे इसी दिन प्रस्तुति के निर्देशक व लेखक डॉ.योगेन्द्र चौबे को 11,000/- की राशि का “अभिनव राष्ट्रीय रंग सम्मान“ प्रदान किया जाएगा। 22 जनवरी को प्रयागराज की संस्था बैकस्टेज द्वारा संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली के उप सचिव सुमन कुमार द्वारा रचित नाटक “खारु का खरा किस्सा“ का मंचन होगा। संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त युवा रंग निर्देशक प्रवीण शेखर द्वारा निर्देशित इस नाटक की अवधि 65 मिनट है। 23 जनवरी की समापन संध्या पर मशहूर लेखक स्वदेश दीपक द्वारा रचित व वरिष्ठ रंगकर्मी शरद शर्मा द्वारा निर्देशित नाटक “कोर्ट मार्शल“ प्रस्तुत किया जाएगा इस नाटक की अवधि 90 मिनट है। अभिनव रंगमंडल उज्जैन द्वारा उक्त नाटक को देश के आधे से ज्यादा राज्यों में प्रस्तुत किया जा चुका है, यह इस नाटक की 107 वीं प्रस्तुति होगी जो दर्शकों की विशेष फरमाइश पर की जा रही है। नाटक निर्धारित समय संध्या 7 बजे कालिदास अकादमी के संकुल हाल में प्रस्तुत किए जाएंगे। शरद शर्मा तथा विरेंद्र सिंह ठाकुर ने उज्जैन के कला प्रेमी दर्शकों से अधिक से अधिक संख्या में आने का अनुरोध किया है।