*जो बोओगे वही काटोगे भी*
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*प्रेम लौटता ही है।*
*हजार गुना होकर लौटता है।*
*इसकी* भी फिकर मत करो कि इस आदमी को दिया तो यही लौटाए। कहीं से लौट आएगा, हजार गुना होकर लौट आएगा, तुम फिकर मत करो।
*प्रेम लौटता ही है।*
अगर न लौटे, तो सिर्फ एक प्रमाण होगा कि तुमने दिया ही न होगा।
अगर न लौटे, तो फिर से सोचना- तुमने दिया था?
या सिर्फ धोखा किया था?
देने का दिखावा किया था,
या दिया था?
*अगर दियाथा तो लौटता ही है*
यह इस जगत का नियम है।
जो तुम देते हो, वही लौट आता है-घृणा तो घृणा, प्रेम तो प्रेम, अपमान तो अपमान, सम्मान तो सम्मान।
तुम्हें वही मिल जाता है हजार गुना होकर, जो तुम देते हो।
यह जगत प्रतिध्वनि करता है, हजार-हजार रूपों में।
अगर तुम गीत गुनगुनाते हो
तो गीत लौट आता है।
अगर तुम गाली बकते हो तो गाली लौट आती है।
*जो लौटे, समझ लेना कि वही तुमने दिया था।*
जो बोओ-गे वही काटो-गे भी।
*"एस धम्मो सनंतनो"*🥀
*🌹ओशो प्रेम... ✍🏻♥