इंदौर / कलेक्टर बोले- लोगों ने बीमारी छिपाई इसलिए कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या 10 फीसदी बढ़ी








इंदौर. कलेक्टर मनीष सिंह ने शुक्रवार को कहा कि इंदौर में लोगों ने बीमारी की बात छिपाई, इसलिए कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या 10 फीसदी पर पहुंची। कोरोना संदिग्धों के उपचार के लिए अस्पतालों की संख्या बढ़ाई जा रही है। इंदौर में कोरोना पॉजिटव मरीजों की संख्या बढ़कर 235 हो गई है।


कलेक्टर ने कहा कि इंदौर में इस बीमारी की मृत्यु दर 10 फीसदी के आसपास पहुंचने का कारण यह है कि यहां लोगों ने देर से बीमारी या उसके लक्षण के बारे में बातया। खजराना, चंदन नगर हाथीपाला, नयापुरा जैसे क्षेत्र में वायरस पहले ही फैल चुका था लेकिन वहां के लोगों ने यह बात छुपा ली। हालांकि प्रशासन ने ऐसे सभी स्थानों व क्षेत्रों को पूरी तरह से सील कर दिया है जिससे संक्रमण के फैलने का खतरा काफी कम हो गया है।


जनाजे में शामिल होने के कारण 20 को हुआ कोरोना


कलेक्टर सिंह ने कहा कि टाटपट्‌टी बाखल में यदि करोना के 20 पॉजिटिव मरीज मिले हैं तो वह जनाजे में शामिल होने के कारण मिले है। क्योंकि लोग भोले हैं उन्हें नहीं पता की संक्रमण फैल सकता है। इसलिए प्रशासन ने जनाजे और शवयात्रा में 5 से अधिक व्यक्तियों के शामिल होने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही गुरुवार रात यह आदेश भी जारी कर दिया गया है कि अस्पताल में कोरोना के अलावा किसी भी अन्य बीमारी से यदि किसी की मृत्यु होती है तो शव को अस्पताल से मृतक के घर ले जाने के बजाया सीधे शमशान घाट या कब्रिस्तान ले जाया जाएगा। इसके अलावा जिले की सीमा से बाहर शव ले जाने पर भी रोक लगा दी गई है।