कोरोना वायरस महामारी में जिला चिकित्सालय के दो लैब टेकनिशियन निरंतर कार्यरत
उज्जैन। कोरोना वायरस महामारी को लेकर जहॉं जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पूरी तरह सक्रिय है और निरंतर इस महामारी की रोकथाम के कार्य में लगा हुआ है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के दो विभागीय नाम लोगों की जुबान पर है, जिन्हें तत्काल आवश्यकता होने पर 24 घण्टे में कभी भी याद किया जा सकता है। और कहीं भी बुलाया जा सकता है। ये लोग सहजभाव से उपलब्ध हो जाते हैं, उनका कार्य न सिर्फ संदिग्ध मरीजों का सैंपल लेना है बल्कि संदिग्ध मृत व्यक्ति का भी सैंपल लेतें हैं।
ये दो लोग हैं श्री देवेन्द्र गोठवाल और श्री अभिषेक ऋषि दोनों ही जिला चिकित्सालय उज्जैन में बतौर लैब टेकनिशियन लगभग 10 वर्षों से कार्यरत है और विगत 2 माह से फोन पर सूचना आते ही संदिग्ध मरीजों के प्रकरण का कोरोना टेस्ट लेने हेतु उपस्थित हो जाते हैं। जिला चिकित्सालय के दो समर्पित कर्मचारियों द्वारा कोविड-19 के प्रति बेहत गंभीरता और संवेदनशीलता से कार्य किया जा रहा है। ऐसी विषम परिस्थिति में जब कोरोना वायरस की आशंका मात्र से ही लोग अपनों से मुंह मोड़ लेते हैं या संक्रमण के डर से उससे दूर हो जाते हैं। ये दोनों कर्मचारी सूचना मात्र पर तत्काल उपस्थित होकर उसके मुंह और नाक स्वाब और ब्लड सैंपल कलेक्ट करते हैं। यही कार्य कई बार मृत्य व्यक्तियों के लिए भी करना पड़ता है और दिन में कई बार इस कार्य को दोहराना पड़ता है।
ये लोग संपूर्ण भाव से तन्मय होकर अपना कार्य समय पर करते हैं। इन्हें ड्यूटी के दौरान कई बार समय का आभास भी नहीं होता है। यहाँ तक की कभी-कभी ये रात के 2 या 3 बजे तक घर पहुंचते हैं। अगली सुबह पून: उसी ऊर्जा के साथ सक्रिय हो जाते है और भेजे गऐ सैंपल की विस्तृत जानकारी तैयार करते हैं। निरंतर फोन पर उस कर्मचारी से संपर्क में रहते हैं जो सैंपल लेकर भोपाल जातें हैं। भोपाल से रिपोर्ट प्राप्त होने जाने के पश्चात इस रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी सीएमएचओ को को प्रस्तुत करते हैं। इसी दौरान कहीं से सूचना प्राप्त होने पर पुन: सैंपल के लिए निकल जाते हैं। इनके द्वारा शहर के अधिकांश इलाकों और बड़नगर तहसील का भ्रमण किया जाकर लगभग 1500 सैंपल कलेक्ट किये जा चूके हैं।
सीएमएचओ डॉ. अनुसूईया गवली के कुशल नेतृत्व में उचित मार्गदर्शन में इनके द्वारा कार्य किया जाता है। साथ ही सीएमएचओ द्वारा ऐसे कर्मठ कर्मचारियों की प्रशंसा की जा रही है और विश्वास व्यक्त किया जा रहा है कि विभाग में यदि ऐसे कर्मठ योद्धा उपलब्ध है तो इस महामारी से हम जल्दी ही निजात पा लेंगे।