आज से ग्रीन और ऑरेंज जिलों में दुकानें खुली जरूरत के सामान लेने पहुंचे लोग सरकार ने दी हिदायत जनता सतर्क रहे नहीं तो ऑरेंज झोन को रेड बनते देर नहीं लगेगी


 


भोपाल. लॉकडा‌उन फेज-3 शुरू हो गया है। प्रदेश के ग्रीन और ऑरेंज जिलों में दुकानें खुलना शुरू हो गई हैं। दो सप्ताह के इस लॉकडाउन में केंद्र ने गाइडलाइन जारी करके कई तरह की रियायतें देने की बात कही है। लेकिन, हॉटस्पॉट में शामिल इंदौर, भोपाल, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, खंडवा, धार, बड़वानी और देवास को लेकर प्रशासन बहुत सतर्क है। अधिक छूट देने के बजाए सख्ती कर कोरोना की चेन तोड़ने और औद्योगिक गतिविधियां शुरू करने पर जोर दिया गया है। प्रशासन ने कंटेनमेंट एरिया में सख्ती और बाहर रियायत को भी खतरनाक माना है। लिहाजा, इन शहरों में एक जैसी सख्ती रहेगी।


महंगी पड़ सकती है छोटी से गलती
रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेशवासियों से अलर्ट रहने को कहा। उनके मुताबिक, “हमारी छोटी सी लापरवाही ग्रीन जोन ऑरेंज में और ऑरेंज से रेड जोन में बदल जाएगी। जो ढील मिली है, वह तुरंत बंद हो सकती है। कोरोना वैक्सीन अभी मिला नहीं है। हमें इसके साथ ही जीना सीखना पड़ेगा। लाइफ स्टाइल बदलें।


43 जिलों में आज से दुकानें खुलेंगी


40 दिन से बंद प्रदेश का 70% हिस्सा सोमवार से सशर्त ढील के साथ खुल जाएगा। मुख्यमंत्री ने रविवार को सभी जिलों से फीडबैक लेने के बाद केंद्रीय गाइडलाइन के अनुरूप 17 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया। भोपाल, इंदौर समेत रेड जोन के सभी 9 जिलों में कंटेनमेंट क्षेत्र को छोड़कर मामूली छूट रहेगी। ग्रीन जोन के 24 और ऑरेज जोन के 19 जिलों में सभी दुकानें, कॉम्प्लेक्स, निर्माण गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। रेड जोन में शराब, भांग और गुटखा शॉप बंद रहेंगी। ग्रीन और ऑरेंज के लिए कलेक्टर क्राइसेस मैनेजमेंट ग्रुप से चर्चा कर फैसला लेंगे।”


भोपाल: सरकारी दफ्तर 33% कर्मियों के साथ खुलेंगे, प्राइवेट बंद रहेंगे
कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने बताया कि प्राइवेट दफ्तर बंद रहेंगे। शहर के भीतर उद्योग नहीं खुलेंगे। शादियों, अंतिम यात्रा में 10 लोग ही जा सकेंगे। 


इंदौर: पूरे शहर में एक जैसी सख्ती
कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि स्थिति पहले से 80 फीसदी नियंत्रण में आ गई है। लेकिन, अभी 15 दिन तक सख्ती जरूरी है। घर से बेवजह निकलने की मंजूरी तो नहीं देंगे, दो सप्ताह बाद शहर की स्थिति को देखकर चरणबद्ध तरीके से आगे राहत मिलेगी। बेवजह निकले तो सीधे जेल भेजेंगे। 


किस जिले में क्या होगा



  • ऑरेंज: खरगोन, रायसेन, होशंगाबाद, रतलाम, आगर-मालवा, छिंदवाड़ा, बैतूल, श्योपुर, सागर, शाजापुर, टीकमगढ़, आलीराजपुर, डिंडोरी, शहडोल, हरदा, बुरहानपुर, मंदसौर, विदिशा, मुरैना।

  • ये छूट : बसें नहीं चलेंगी। कंटेनमेंट के बाहर टैक्सी, कैब चलेंगी। गृह मंत्रालय की गाइडलाइन में जिन्हें छूट है, वही एक से दूसरे जिले में जा सकेंगे। सभी दुकानें, कृषि कार्य, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, एकल दुकानें, नगर वाहन सेवा, सभी उद्योग, निर्माण कार्य, मनरेगा कार्य शुरू होंगे।

  • ग्रीन जोन: रीवा, राजगढ़, अनूपपुर, उमरिया, सीधी, सिंगरौली, बालाघाट, मंडला, कटनी, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, दमोह, सीहोर, झाबुआ, नीमच, दतिया, भिंड, अशोकनगर, गुना, सतना, सिवनी, नरसिंहपुर और शिवपुरी।

  • ये छूट : सभी दुकानें, कृषि कार्य, एकल दुकानें, बिजली की दुकानें, ऑटो सेवा, नगर सेवा बसें, ग्रामीण क्षेत्र के उद्योग, निर्माण कार्य, वाहन शोरूम, उपकरण मरम्मत शॉप, वाहन सर्विसिंग, मनरेगा कार्य, निर्यात इकाइयां, औद्योगिक क्षेत्र, अत्यावश्यक वस्तु निर्माताओं की फैक्ट्रियां, 50% क्षमता से बसें, बस डिपो खुल जाएंगे।

  • रेड जोन: इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, खंडवा, धार, बड़वानी, देवास।

  • ये छूट: कंटेनमेंट के बाहर दोपहिया, चारपहिया वाहन, विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र, अत्यावश्यक वस्तुओं की सेवा, निर्माण इकाइयां, सूचना प्रौद्योगिकी, हार्डवेयर निर्माण इकाइयां, जूट उद्योग, पैकेजिंग इकाइयां, निर्माण कार्य। ग्रामीण क्षेत्रों की दुकानें, ई-कॉमर्स, निजी कार्यस्थल (33%), सीमित संख्या में सरकारी दफ्तर दफ्तर आएंगे। 

  • ये सब तीनों में बंद: हवाई सेवा, रेल सेवा, अंतरराज्यीय बसें, सीमाएं, स्कूल, कॉलेज, कोचिंग, प्रशिक्षण संस्थान, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, स्वीमिंग पूल, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मनोरंजन पार्क, बार, ऑडिटोरियम, सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, धार्मिक गतिविधियां, पूजा स्थल।