उज्जैन। कार्तिक मेले में नगर निगम द्वारा व्यापारियों से अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है दरअसल नगर निगम कर्मचारियों द्वारा कार्तिक मेले में व्यापारियों से दुकान लगाने के बदले में किसी से ₹20 तो किसी से सो पचास की रसीद काटी जा रही है लेकिन कुछ व्यापारियों से पैसे लेकर भी रसीद नहीं दी जा रही हैं। रेवेन्यू वसूली के नाम पर कर्मचारियों द्वारा पैसे लेकर रसीद नहीं देने का मामला सुर्खियों में इसके बावजूद भी निगम के अधिकारी मामले को दबाने में लगे हुए हैं और जवाबदारो पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही और ना ही निरीक्षण कर जांच की जा रही है इससे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न लग रही है।
उज्जैन नगर पालिका निगम के कार्तिक मेले में लगी हुई है छोटी-बड़ी और अन्य दुकान है जहां पर नगर पालिका निगम के कर्मचारियों के द्वारा इन दुकान संचालक और व्यापारियों से ली जाती है राशि और बदले में दी जाती है रशीद पर किसी दुकान से ₹20 किसी दुकान से ₹30 किसी दुकान से ₹50 किसी दुकान से ₹100 तो किसी दुकान से ₹10 लिए जा रहे हैं और दुकान संचालकों को रसीदें दी जा रही है पर कहीं पर नहीं भी दी जा रही हैं और वसूली की जा रही है प्रतिदिन मेले में नगर पालिका निगम के कर्मचारी दुकानों पर जा जा कर वसूली तो कर रहे हैं पर यह वसूली शासकीय रिकॉर्ड में कम बताई जा रही है और जमीनी हकीकत में जितने भी दुकानदार हैं छोटे बड़े सब भुगतान कर रहे हैं फिर सारे व्यापारी मेला क्षेत्र के छोटे हो या बड़े नियमित नगर पालिका निगम के कर्मचारियों को अधिकारियों को भुगतान कर रहे हैं और वह भी भरपूर तो फिर यह राशि आखिर कहां जा रही है और किसकी जेब में जा रही है साथ ही इस वसूली हुई राशि का घोटाला कौन कौन और कैसे कैसे कर रहे हैं इन पर नगर पालिका निगम के जिम्मेदार अधिकारियों का और जनप्रतिनिधियों का क्यों ध्यान नहीं जा रहा है साथ ही इन पर क्यों कार्यवाही नहीं की जा रही है और रसीद कटटो सहित दस्तावेजों की जांच क्यों नहीं की जा रही है।
कार्तिक मेले में निगम रसीद के नाम पर हो रही अवैध वसूली